क्या जोड़ों के दर्द का आयुर्वेदिक इलाज हो सकता हे ?

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गांठियाँ और जोड़ों का दर्द ज्यादातर सर्दियों के मौसम में होता है। यह शरीर के जोड़ों को प्रभावित करता है। गठिया के लक्षण 60-65 वर्ष से अधिक आयु के वयस्कों में सबसे अधिक देखे जाते हैं। जो लोग अधिक वजन वाले हैं वे ज्यादातर घुटने के दर्द के जोखिम में हैं। ठंड के मौसम में जोड़ों में अत्यधिक दर्द, कठोरता और सूजन हो जाती है।

जॉइंट पेन के यूँ तो अनेक कारण हो सकते हैं लेकिन इसके प्रमुख कारण हैं-

  • उम्र बढ़ ने के कारन
  • ज्यादातर बजन बढ़ना या मोटापा होना
  • जोड़ो के कार्टिलेज घिस जाना,
  • joints में चिकनाई की कमी,
  • कैल्शियम  एवं अन्य खनिज तत्वों की कमी,
  • गठिया आदि

आयुर्वेद मैं जड़ों और घुटनों के दर्द के लिए बहत सारे उपचार होते हैं ।

सौंध नमक

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सौंध नमक मैं मैग्निसियम  सल्फेट ज्यादा होता हे । तो ये नमक जड़ों के दर्द को काम करने के लिए काम करता हे । एक कप सौंध नमक मैं एक कप पानी मिलकर उसे दर्द के जगह लगाए तो आराम मिलता हे.

मेथी

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मेथी को जॉइंट पैन की असरदार दबा कहाजाता हे । मेथी पाउडर को सुबह साम एक चमच खाने के बाद लेने से दर्द काम होता हे ।

व्यायाम

व्यायाम ऑस्टियोआर्थराइटिस के विकास में देरी कर सकता है । जो घुटने के दर्द के सबसे सामान्य कारणों में से एक है। किसी भी तरह के दर्द के लिए, चलना, साइकिल चलाना व्यास ज्यादातर फायदेमंद हो सकता है।

हल्दी

हल्दी मैं बहत सरे और्वेदिक गन होता हे । जो घुटनों के दर्द  काम करता हे । हल्दी मैं एंटीऑक्सीडेंट हियता हे जो दर्द मैं रहत देता हे । 250 ग्राम दूध को उबाल कर उसमें 2 चमच हल्दी मिलकर पिने से दर्द में बहुत अच्छी बदलाब देख ने को मिलता हे ।

प्याज

प्याज को हम किसीवी तरह प्रओग कर सकते हैं । उसमें पाए जाने वाले सल्फर कंपाउंड्स हमारे जड़ों के दर्द को काम करता हे । प्याज के रस को निकल कर दर्द के जगह मालिश करे रहत मिलेगी।

दूध

दूध हमारे सरीर केलिए बहुत गन करि मानाजाता हे. 250 ग्राम दूध मैं 2/3 लहसुन की काली को कूट के डालदे । आवर उस दूध को अच्छी तरह उबाल लें । इस दूध को रत मे पीनेसे जड़ों के दर्द मैं रहत मिलती हे ।

सरसो के तेल


और्वेदिक जड़ीबूटिओं के तेल से मालिश काने से दर्द बहुत काम होजाता हे. 250 ग्राम सरसो के तेल मैं 10/12 लहसुन की काली दाल कर उबाल लें । अच्छीतरह हो जाने के बाद उसमें एक चमच । अजवाइन, एक चमच दानमेथी और एक चमच सोंठ के पाउडर को मिलकर उबालें। इ सब अच्छीतरह पाक जाने के बाद उसे ठंडा करके एक कच की बैटल मैं रख लें । ऐसे ठन्डे के मौसम मैं सुबह सुबह धुप मैं बैठ कर दर्द होने वाले जगह मैं मालिश करें। ऐसे जड़ों का दर्द काम हो जाता हे ।

वजन घटाने और आहार

घुटनो में दर्द का एक बड़ा कारन मोटापा वे होता हे । सरीर म,ऐन ज्यादा चर्बी होनेसे घुटनो मैं ज्यादा दबाब पड़ती हे और दर्द बढ़ जाती हे । इसीलिए मोटापा को काम करने के लिए हमे नियमित रूप से ब्यायाम और अच्छा खाना या फाइबर युक्त फ़ूड खाना चाहिए । हरी सब्जियाँ, सलाद, अंकुरित बीज ( चना, मूंग, सोयाबीन आदि), मौसमी फल का सेवन करे। आलू, चावल, शकर, घी, तैल से परहेज करे । और भोजन सीमित मात्रा में करे।

साबधान: कोई वि आयुर्वेदिक जड़ी बूटी को इस्तिमाल करनेसे पहले और्वेदिक डॉक्टर की परामर्श करें।

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