पेट दर्द का कारण लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज।

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पेट दर्द एक ऐसी बीमारी हे जो इंसान को नहीं सुकून से बैठने  देती हे न कुछ काम करने देती हे। इसको ठीक करने के लिए हम कई तरह का दबाई का इस्तमाल करते हैं ताकि जल्दी ठीक होजाये। ऐसे पेट दर्द तो ठीक होजाता है पैर इसका सिडेफेक्ट वि बहुत होता हे। इस वयंकर पेट दर्द का इलाज आयुर्वेदिक जड़ी बूटी मैं सम्भब हे।

कारण

आयुर्वेद की कारणों की वजह वात दोष के असंतुलित होने की वजह से होता है पर वात दोष शरीर में उपस्थित अन्य दो दोष (पित्त और कफ) को दूषित कर देता है। जिसके कारण पेट में जलन, किडनी में दर्द होता हे।

इसके अलावा ज्यादा भोजन करने से, गन्दा पानी पिने से, ज्यादा तेल, या तलाहुआ खाना मिर्च मसाला वाला खाना, अधिक समय तक खाने से, बाहर का खाना जैसे पिज्जा, बर्गर, आइसक्रीम, समौसा आदि ज्यादा खाने से,रात का बचा हुआ खाना खाने से, और  महिलाओं में मासिक स्राव के समय वि होता हे।

लक्षण

जलन, रुक-रुक कर पेट में दर्द होना ।  पेट में गुड़गुड़ाहट । ज्यादा खट्टी डकार । बुखार आना । ज्यादा गैस बनना । उल्टी होना, पेट में सुई चुभोने जैसा दर्द होना । पेट फूलना या भारी महसूस होना । पेशाब त्यागते समय कभी-कभी पेट में दर्द होना । महिलाओं का मासिक स्राव ज्यादा होना।

इलाज

अदरक

अदरक

एक गिलास पानी मैं अदरक को कूट कर उबालें। तब तक उबालें जबतक आधा गिलास  न हो जाये। इसके बाद उसे छान लें फिर इसमें कुछ सेहद मिलकर पीलें। ऐसे  हर तरह की पेट दर्द से आराम मिलती हे।

हींग

हींग

पेट में दर्द, गैस के लिए हींग असरदार है। इसमें मौजूद एंटीस्स्मोडिक और एंटिफलाटुलेंट गुण यह काम करने में मदद करते हैं। एक कप गर्म पानी मैं कुछ सौंध नमक और हींग दाल कर पिए। इसे आप din मैं २/३ बार पीसकते हैं।

सौंफ

सौंफ

एक कप पानी मैं पिसा हुआ सौंफ को दाल कर उबले फिर ठंडा होने के बाद उसे सेहद दालकर पीलें।

अजवाइन, जीरा और अदरक

अजवाइन

जीरा, अजवाइन और अदरक पाउडर को अच्छी तरह मिला लें। फिर एक कप गुनगुने पानी के साथ इसका सेवन करें। रात को सोने से पहले इस मिश्रण का सेवन करें। अजवायन 2 ग्राम, सोठ 1 ग्राम दोनों को साथ में अच्छी तरह से पीस लें । फिर गुनगुने पानी के साथ खाली पेट या खाने के बाद लेना चाहिए। इसे पेट दर्द मैं कम करता है। यह पाउडर दिन में दो बार सुबह और शाम को लेना चाहिए।

जीरा

जीरा

इसे एक चम्मच जीरा और आधा चम्मच नमक के साथ चबाएं । और थोड़ा पानी पिएं रात को पानी में 2 बड़े चम्मच जीरा भिगोएँ और सुबह इसे अच्छी तरह उबालें। एक बार जब यह अच्छी तरह से उबल जाए तो इसे छान लें । और ठंडा करके पीएं यह आप में पेट की सभी प्रकार की समस्याओं से छुटकारा दिलाता है । जीरे का पानी पीने से पाचन शक्ति बढ़ती है । और शरीर में दिन भर स्फूर्ति बनी रहती है । 

पुदीना

पुदीना

गैस के कारण होने वाले पेट दर्द को कम करने में मदद करता है। पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाता है। पुदीना का राश के थोड़ा निम्बू का रास और थोड़ा नमक के साथ पीलें।

काला नमक

काला नमक

काला नमक, सोंठ, हिंग, यवक्षार, अजवायन इन सभी को समान भाग में मिलाकर चूर्ण कर ले । फिर 2-2 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम नाश्ते और रात के खाने के बाद गुनगुने पानी से इसका सेवन करने से,पेट की गुड़गुड़ाहट और पेट के ऐंठन में आराम मिलता है।

चावल का पानी

चावल का पानी

चावल को उबाल ने के बाद जो पानी निकल ता हे उसको छान के रख लें । उस पानी मैं  कुछ नमक और सहेड दाल कर पीलें। ये आपको रोजाना करना पड़ेगा। 

तुलसी

पेट दर्द

एक कप गर्म पानी में तुलसी के पत्ते डालकर पिएं। इसके अलावा, तुलसी के पत्तों को ऐसे भी सेवन कर सकते हैं।

साबधान: कोई वि आयुर्वेदिक जड़ी बूटी को इस्तिमाल करनेसे पहले और्वेदिक डॉक्टर की परामर्श करें।

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